उदित वाणी, मुंबई : उद्धव ठाकरे गुट के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने पार्टी के विद्रोही सांसदों को नई चुनौती देते हुए कहा है कि वे पार्टी के विरुद्ध लिए गए अपने फैसलों को लेकर आगे आकर स्पष्टता दिखाएं। साथ ही, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं, जिससे पार्टी विवाद और गहराता दिख रहा है।
शिवसेना में बगावत के बाद बढ़ी सरगर्मी
पार्टी में लंबे समय से चल रहे मतभेद के बीच संजय राउत का यह बयान पार्टी की आंतरिक राजनीतिक हलचल को और तेज कर गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी का नाम और धरोहर किसी के निजी स्वार्थ के लिए नहीं छोड़ी जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट की भूमिका पर उठाए सवाल
संजय राउत ने अपने बयान में यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट की भूमिका को भी इस पूरे विवाद में नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। उन्होंने कोर्ट के कुछ फैसलों पर असहमति जताते हुए पार्टी के भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की।
बागी सांसदों को सीधी चुनौती
राउत ने विद्रोही सांसदों से पूछा कि वे स्पष्ट करें कि उनका असली मकसद क्या है और पार्टी का नाम लेकर कौन-सा लाभ हासिल करना चाहते हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब पार्टी के भीतर असंतोष और दबाव लगातार उभरता दिख रहा है।
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