उदित वाणी, नागपुर : नागपुर की एक छात्रा को एडमिट कार्ड डाउनलोड करते समय पता चला कि उसे नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) की पुनः परीक्षा के लिए अबू धाबी परीक्षा केंद्र आवंटित किया गया है, जबकि उसके पास पासपोर्ट तक नहीं है। इस अप्रत्याशित स्थिति ने छात्रा व उसके परिवार की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए पासपोर्ट अनिवार्य है।
पासपोर्ट न होने से छात्रा असहाय
छात्रा को जब परीक्षा केंद्र की जानकारी मिली तो उसे यह जानकर हैरानी हुई कि केंद्र विदेश में, विशेष तौर पर अबू धाबी में दिया गया है। छात्रा के पास अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए आवश्यक कोई दस्तावेज़ नहीं है, जिससे वह परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएगी। यह स्थिति न केवल छात्रा बल्कि परिवार के लिए भी परेशानी का कारण बन गई है।
पुनः परीक्षा के केंद्र निर्धारण में त्रुटि
NEET पुनः परीक्षा के लिए केंद्र आवंटन प्रक्रिया में आई गड़बड़ी की वजह से कई छात्रों को ऐसे केंद्र मिल गए हैं, जहां पहुंचना उनके लिए संभव ही नहीं है। अभ्यर्थियों का कहना है कि आवेदन पत्र में दिए गए शहर के विकल्पों के बावजूद उन्हें विदेश में परीक्षा केंद्र मिलना अव्यावहारिक और अनुचित है। इस कारण से पारिवारिक और आर्थिक दिक्कतें भी उत्पन्न हो रही हैं।
छात्रा और परिवार की अपील
इस मुद्दे के सामने आने के बाद छात्रा व उसके परिवार ने संबंधित परीक्षा प्राधिकरण से पुनर्विचार और केंद्र बदलाव की मांग की है। उन्होंने अनुरोध किया है कि आवेदकों को उनके गृह राज्य या सुविधाजनक स्थान पर ही परीक्षा देने का अवसर मिलना चाहिए, जिससे शिक्षा के अधिकार का हनन न हो।
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