उदित वाणी, नई दिल्ली : भारत सरकार ने राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं की पारदर्शिता, सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए कई व्यापक सुधारों की घोषणा की है। हाल के वर्षों में परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं और धांधली के मामलों के बाद यह कदम उठाया गया है। नई पहल का उद्देश्य छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ावा देना और देश के परीक्षा ढांचे को आधुनिक बनाना है।
डिजिटल तकनीक और एआई आधारित निगरानी
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, अब परीक्षा प्रक्रिया में सशक्त डिजिटल निगरानी प्रणाली और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सर्विलांस लागू किया जाएगा। परीक्षार्थियों की पहचान की जांच के लिए भी अधिक सख्त वेरिफिकेशन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके साथ ही साइबर सुरक्षा उपायों को भी बढ़ाया जाएगा ताकि परीक्षा डेटा में किसी भी तरह की अवैध घुसपैठ रोकी जा सके।
जवाबदेही और शिकायत निवारण के लिए नई व्यवस्था
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखना राष्ट्रीय प्राथमिकता है। इसके तहत विद्यार्थियों को आश्वस्त किया गया है कि भविष्य की परीक्षाएं नए और उन्नत सुरक्षा मानकों के अंतर्गत आयोजित होंगी। साथ ही, उन्नत बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, केंद्रीकृत मॉनिटरिंग सेंटर और त्वरित शिकायत निवारण प्रणाली जैसे कई सुधार चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे।
तकनीकी विशेषज्ञों की मदद और क्रियान्वयन की समयसीमा
सरकार तकनीकी विशेषज्ञों और परीक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन, डिजिटल एन्क्रिप्शन और संचालन संबंधी दिशा-निर्देशों को और सशक्त बना रही है। यह दिशा-निर्देश अगले परीक्षा चक्र के पहले लागू किए जाएंगे। शिक्षा मंत्रालय ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को आश्वस्त किया है कि आने वाले महीनों में इन सुधारों की क्रियान्वयन समयसीमा और प्रक्रियाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी आधिकारिक माध्यमों से दी जाएगी।
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