उदित वाणी, वाशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आयातित जेनेरिक दवाओं पर नए टैरिफ लगाने का निर्णय लिया है। यह टैरिफ वर्ष 2028 से प्रभावी होंगे। सरकारी बयान के अनुसार, इस नीति के माध्यम से अमेरिका में दवा निर्माण को विकसित करने और विदेशों से दवा आयात पर निर्भरता को कम करने का प्रयास किया जाएगा।
सरकार की नई दवा नीति का उद्देश्य
अमेरिकी सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू दवा उद्योग को मजबूत करने तथा अमेरिकन नागरिकों को सस्ती और सुरक्षित दवाएं उपलब्ध कराने के लिए यह कदम आवश्यक है। टैरिफ लागू होने से विदेशी दवा कंपनियों के लिए अमेरिका में कारोबार करना महँगा हो सकता है, जिससे स्थानीय निर्माताओं को प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिलेगी।
विदेशी आयात पर निर्भरता घटाने की तैयारी
सरकार का कहना है कि देश की सेहत और सुरक्षा के लिए दवाओं के आयात पर निर्भरता सीमित करना जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस फैसले से फार्मा सेक्टर में निवेश और शोध को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि अमेरिकी कंपनियां घरेलू निर्माण के लिए प्रोत्साहित होंगी।
नए टैरिफ 2028 से होंगे लागू
सरकारी योजना के अनुसार, जेनेरिक दवाओं पर नए टैरिफ 2028 से लागू किए जाएंगे। अधिकारियों का मानना है कि इससे अमेरिकी दवा बाजार में संतुलन स्थापित होगा और उपभोक्ताओं को दीर्घकालिक लाभ मिल सकते हैं।
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