उदित वाणी, रांची : राज्य के तमाड़ विधानसभा 2005 चुनाव के दौरान और उसके बाद प्रशासनिक व्यवस्था एवं स्थानीय नेताओं पर घटी असामान्य घटनाओं की श्रृंखला क्षेत्र के लोगों में कौतूहल का विषय बनी हुई है। मां दिवड़ी दिरी की माया का उल्लेख करते हुए लोग मानते हैं कि चुनाव के पश्चात कई प्रमुख अधिकारी और जनप्रतिनिधि अलग-अलग परेशानियों का शिकार हुए।
चुनाव बाद हुई अप्रत्याशित घटनाएं
तमाड़ विधानसभा 2005 के चुनाव में मतपेटियों को शाम तक थाना में रखा गया था, जिसके साक्षी स्थानीय दुकानदार और क्षेत्रवासी भी रहे। चुनाव के बाद से प्रशासनिक और राजनीतिक पदों पर आसीन कई लोगों को विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।
प्रमुख अधिकारियों और नेताओं के साथ हुई दुर्घटनाएं
इन घटनाओं की कड़ी में विधायक रमेश सिंह मुंडा की 9 जुलाई 2008 को हत्या, बुंडू अनुमंडल पदाधिकारी बिनोद शंकर सिंह का सड़क दुर्घटना में घायल होना, बुंडू अंचल अधिकारी प्रदीप प्रसाद का भीषण एक्सीडेंट से बचना और उनकी पत्नी अनीता सहाय—जो तमाड़ अंचल अधिकारी थीं—को बाद में कैंसर होना और निधन जैसी घटनाएं शामिल हैं।
मां दिवड़ी दिरी की माया या संयोग?
प्रखंड विकास पदाधिकारी कुमकुम प्रसाद के पति का मतदान के दिन ही रात में देहांत और रांची के तत्कालीन डीसी डॉ. प्रदीप कुमार का दवा घोटाले में जेल जाना, घटनाओं की इस श्रृंखला को और भी रहस्यमय बना देता है। क्षेत्र में चर्चा है कि यह महज संयोग था या मां दिवड़ी दिरी की कोई विशेष माया थी। लोग आज भी इन घटनाओं को चुनाव के बाद की कड़ी घटनाएं मानते हैं।
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